
UP Vidhansabha Chunav 2022: धामपुर सीट पर है ठाकुरों का दबदबा, 20 सालों से जारी दो उम्मीदवारों में टक्कर
Zee News
UP Assembly Election 2022 Dhampur Seat: बिजनौर जिले की इस सीट पर 1996 से 20 सालों तक सपा और बसपा का ही कब्जा होता आया था. लेकिन 2017 चुनावों में मोदी लहर की बदौलत बीजेपी ने यहां भी जीत हासिल की.
राजवीर चौधरी/बिजनौरः UP Vidhan Sabha Election 2022: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. 2017 में मोदी लहर ने इस हिंदी भाषी राज्य पर अच्छा-खासा प्रभाव छोड़ा, नतीजा यह रहा कि बीजेपी ने यूपी की सत्ता पर कब्जा जमाया. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार विपक्ष को मोदी के साथ योगी लहर का भी सामना करना पड़ेगा. इलेक्शन को देखते हुए हम लेकर आए हैं यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों का एनालिसिस. यहां जानें बिजनौर जिले की धामपुर सीट (Dhampur Seat Detail) के बारे में...
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.









