
Union Cabinet Meeting: देश में Battery Storage को बढ़ावा देगी सरकार, 45000 करोड़ रुपये का होगा निवेश
Zee News
कोरोना संकट के दौरान पिछड़ गए मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत (Aatmnirbhar Bharat) अभियान को फिर से गति देने की तैयारी शुरू हो गई. सरकार ने फैसला लिया है कि बैटरी स्टोरेज बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव के तहत आयात कम किया जाएगा.
नई दिल्ली: कोरोना संकट के दौरान पिछड़ गए मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत (Aatmnirbhar Bharat) अभियान को फिर से गति देने की तैयारी शुरू हो गई. सरकार ने फैसला लिया है कि बैटरी स्टोरेज बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव के तहत आयात कम किया जाएगा. इसके बजाय भारत में इसका उत्पादन शुरू किया जाएगा. इससे देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) को काफी बढ़ावा मिलेगा. दिल्ली में बुधवार को आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक (Union Cabinet Meeting) में फैसला लिया गया कि सोलर पावर प्लांट से देश में एक लाख 36 हजार गीगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. इसके बावजूद इस बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता. ऐसे में बैटरी स्टोरेज (Battery Storage) से ये सब संभव है. सरकरा ने कहा कि जो इलेक्ट्रिकल व्हीकल लेगा उसको पेट्रोल नहीं लेना होगा
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









