
Success Story: दिहाड़ी मजदूर से यूट्यूबर बने Issac Munda, पढ़िए सफलता की कहानी
Zee News
Daily Wage Labourer Turn Youtuber: इसाक मुंडा ने बताया कि यूट्यूबर बनने के बाद वो बहुत खुश हैं. वो इसके जरिए अच्छा पैसा कमा रहे हैं. उन्हें वीडियो बनाने में बहुत मजा आता है.
संबलपुर: कुछ दिन पहले तक दिहाड़ी मजदूरी करने वाला ये शख्स आज यूट्यूब के माध्यम से अच्छे पैसे कमा रहा है. हां ये सच है. ये शख्स गांव, वहां की परंपराओं, लाइफस्टाइल और फूड हैबिट्स के बारे में यूट्यूब के माध्यम से अपने दर्शकों को बताता है. लोग इसके वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं. बता दें कि इस शख्स का नाम इसाक मुंडा है. इसाक ओडिशा के संबलपुर में रहते हैं. इसाक मुंडा ने मार्च, 2020 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर पहला वीडियो पारंपरिक उड़िया डिश के बारे में डाला था. वह वीडियो दर्शकों ने बहुत पसंद किया था. उस दिन से आज तक इसाक मुंडा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो लगातार अपने यूट्यूब चैनल के लिए काम कर रहे हैं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









