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Su-57 की डील से घबराया फ्रांस? भारत में Rafale F4 बनाने ही नहीं, देसी मिसाइलों से लैस तक का दिया ऑफर; जानें पूरा डिटेल
Zee News
France Rafale F4 offer to India: फ्रांस की दिग्गज विमान निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने भारत को एक तगड़ा ऑफर दिया है, जिसमें भारत में ही राफेल लड़ाकू विमानों का पूरी तरह से स्थानीय उत्पादन शामिल है. यह ऑफर सिर्फ विमानों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर विमानों का निर्माण और भविष्य के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेड भी शामिल है.
France Rafale F4 offer to India: भारत की हवाई ताकत से दुनिया वाकिफ है. हालांकि, इंडियन एयरफोर्स के खेमे से मिग-21 के रिटायर होने से स्क्वाड्रन पर सीधा असर पड़ रहा है. वर्तमान में IAF के पास 31 स्क्वाड्रन हैं. मिग-21 के रिटायर होने से यह संख्या 29 तक पहुंच जाएगी. वहीं, भारत को 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है. ऐसे में, भारत तमाम परिस्थितियों को देखते हुए रूस से करीब-करीब Su-57 लड़ाकू विमान की खरीद डील फाइनल करने वाला है. जिसमें रूस न केवल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेगा. बल्कि, देश में ही निर्माण भी करेगा. ऐसे में, फ्रांस ने भारत को रूस की ओर जाते हुए देखकर, तुरंत तगड़ा ऑफर लेकर आया है. आइए पूरा ऑफर आसान भाषा में समझते हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








