
Shailputri Katha: पहले नवरात्रि के दिन पढ़ें मां शैलपुत्री की कथा, सुख-समृद्धि का होगा आगमन
ABP News
Maa Shailputri Katha: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं. शैल का मतलब होता है पत्थर या पहाड़.
Navratri Shailputri Katha: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं. शैल का मतलब होता है पत्थर या पहाड़. नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा इसलिए की जाती है, ताकि जीवन में उनके नाम की तरह स्थिरता बनी रहे. जीवन में अडिग रहकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. दुर्गासप्तशती का पाठ किया जाता है. बता दें कि पुराणों में कलश को भगवान गणेश का स्वरुप माना गया है इसलिए नवरात्रि में पहले कलश पूजा की जाती है.
मां शैलपुत्री कथा (Navratri Maa Shailputri Katha)
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