
Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन के प्राइवेट लड़ाके चेचेन और आजोव में ज्यादा खूंखार कौन?
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यूक्रेन के बूचा की शहर हर जगह चर्चा है. राष्ट्रपति जेलेंस्की घूम-घूम कर इसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का वॉर क्राइम बता रहे हैं, लेकिन क्या जेलेंस्की पाक साफ हैं. दूध के धुले हैं. इसका जवाब है बिलकुल नहीं. क्योंकि वो अपनी एक प्राइवेट आर्मी के जरिए यूक्रेन में रूस समर्थकों पर जुल्म ढहाते हैं सवाल ये है कि जेलेंस्की की तरफ से इस तरह की बर्बरता करने वाला ये सैनिक किस संगठन का हिस्सा है? यूक्रेन को जवाब देने के लिए रूस के पास भी प्राइवेट आर्मी है. जिसके जवान यूक्रेन में रूस के लिए जी जान से जुटे हैं. उसे करारा जवाब दे रहे हैं. यूक्रेन की इस प्राइवेट आर्मी का नाम है आजोव ब्रिगेड. जिसका काम यूक्रेन में रूस समर्थकों का काम तमाम करना है, उन्हें ऐसी सजा देना है कि किसी की भी रूह कांप जाए.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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