
Russia-Ukraine War: यूक्रेन में हर तरफ बस मौत का मंजर, देखें ड्रोन कैमरों में क्या आया नजर
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24 फरवरी को रूस की ओर से शुरू हुआ स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन, यूक्रेन पर कहर की तरह बरसा. यूक्रेन इसे रूस की घुसपैठ बताता रहा, रूस की ओर से थोपी गई जंग कहता रहा और रूस इसे स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन बताता गया. शब्द चाहे जो भी चुना गया हो,जंग का परिणाम केवल तबाही निकला. इस युद्ध को 60 दिन हो चुके हैं. और इन 60 दिनों में हमने आपको रूस की ओर से हो रही खतरनाक बमबारी की तस्वीरें और तबाह हो रहे यूक्रेन की ग्राउंड रिपोर्ट्स दिखाई हैं. चलिए हम आपको ड्रोन कैमरे के नजर से यूक्रेन में युद्ध से आई तबाही की दर्दनाक तस्वीरें दिखाते हैं।. ये तस्वीरें गवाह हैं कि जंग को जब तक टाला जा सके तब तक उसे टाला जाना चाहिए, बातचीत से रास्ता निकाला जाना चाहिए क्योंकि जंग के बाद की तस्वीरें हमेशा दर्दनाक ही होती हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











