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Rafale का भी बाप! IAF ने संभाली इस देसी Fighter Jet की कमान, सॉफ्टवेयर-हथियार खुद करेगी तैयार; समय से पहले डिलीवरी?
Zee News
Tejas Mk2 Fighter Jet: दशकों से भारतीय वायुसेना का तरीका यह रहा है कि वह अपनी जरूरतें बताती थी और फिर रक्षा संस्थान जैसे HAL और ADA विमान तैयार करके देते थे. इस प्रक्रिया में कई बार सालों की देरी हो जाती थी. लेकिन Tejas Mk2 के मामले में वायुसेना ने इस 'वेटिंग गेम' को खत्म कर दिया है. 2026 में होने वाली संभावित पहली उड़ान के बाद, वायुसेना ने लक्ष्य रखा है कि 2030 से पहले यह विमान सरहद की सुरक्षा के लिए तैनात हो जाए.
Tejas Mk2 Fighter Jet: भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम Tejas Mk2 को गति देने के लिए अपनी पारंपरिक कार्यशैली को पूरी तरह बदल दिया है. अब वायुसेना केवल विमान के तैयार होने और उसकी डिलीवरी का इंतज़ार नहीं करेगी, बल्कि इसे विकसित करने वाली टीम में एक सक्रिय 'सह-डेवलपर' (Co-developer) के रूप में शामिल हो गई है. इस ऐतिहासिक फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विमान की पहली उड़ान के महज 4 साल के भीतर इसे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार करके स्क्वाड्रन में शामिल कर लिया जाए.
