
PM Modi कल करेंगे Varanasi का दौरा, संसदीय क्षेत्र को मिलेंगे 1500 करोड़ के Development Projects
Zee News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1500 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजानओं (Development Projects) की सौगात देने जा रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी काशी की सांस्कृतिक समृद्धि से जुड़े ‘रुद्राक्ष’ का भी उद्घाटन करेंगे.
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा करेंगे. इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र ‘रुद्राक्ष’ का उद्घाटन करेंगे, जो प्राचीन शहर काशी की सांस्कृतिक समृद्धि की झलक को दिखाने वाला होगा. अधिकारियों ने बताया कि इस सम्मेलन केंद्र में 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं और इसकी छत शिवलिंग के आकार में तैयार की गई है. यह पूरी इमारत रात में एलईडी लाइट से जगमगाएगी. यह दो मंजिला केंद्र सिगरा इलाके में 2.87 हेक्टेयर भूमि पर बनाया गया है और इसमें 1,200 लोगों के बैठने की क्षमता है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









