
Panjshir में Taliban की 'जीत' के पीछे पाकिस्तान? समझिए कैसे दे रहा साथ
Zee News
जिस पंजशीर पर तालिबान आज से पहले कभी कब्जा नहीं कर पाया उस पर आखिर तालिबान ने इस बार इतनी जल्दी कब्जा कैसे कर लिया? इसका सीधा सा जवाब है कि ये सब पाकिस्तान की मदद से हुआ है.
नई दिल्ली: तालिबान ने ऐलान किया है अब उसने पंजशीर पर कब्जा कर लिया है. दुनियाभर के अमन पसंद लोगों को Northern Alliance से ही एक आखिरी उम्मीद थी कि शायद वो तालिबान से टक्कर ले सके लेकिन अब वो आखिरी उम्मीद भी टूट गई है. इस युद्ध में Northern Alliance के लड़ाकों और कई नेताओं ने शहादत दी है. इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि तालिबान इस युद्ध को इतनी आसानी से इसलिए जीत पाया क्योंकि उसे पाकिस्तान की सेना मदद कर रही थी. ईरान ने अपने एक बयान में Northern Alliance के नेताओं की शहादत पर दुख जताया और कहा कि वो इस युद्ध में पाकिस्तान की भूमिका की जांच करेगा. आज Zee News के माध्यम से हम भी ये मांग उठा रहे हैं कि इस बात की अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए कि पाकिस्तान की सेना पंजशीर में तालिबान के साथ आखिर क्या कर रही थी? पंजशीर तालिबान विरोधी गुट का आखिरी गढ़ था लेकिन लगता है कि अब ये आखिरी किला भी ढह गया है. पंजशीर में Northern Alliance के लड़ाके पिछले कई दिनों से तालिबान से लड़ रहे थे लेकिन अब Northern Alliance इस लड़ाई को लगभग हार चुका है. हालांकि Northern Alliance के कई नेताओं का कहना है कि तालिबान के खिलाफ उनकी लड़ाई अब भी जारी है और वो मोर्चे से पीछे नहीं हटे हैं. लेकिन जो तस्वीरें पंजशीर से आई हैं वो बताती हैं कि पंजशीर अब तालिबान के पंजे में आ चुका है. पंजशीर पर कब्जा करने के बाद तालिबान के लड़ाके पंजीशर के गवर्नर हाउस में घुस गए और वहां Islamic Emirates Of Afghanistan का झंडा लहरा दिया.
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