
Nepal में सियासी ड्रामा खत्म, Sher Bahadur Deuba बने 5वीं बार प्रधानमंत्री
Zee News
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) नेपाल के नए प्रधानमंत्री बने हैं. संवैधानिक प्रावधान के तहत प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्ति के बाद शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) को 30 दिनों के अंदर सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा.
काठमांडू: हाई कोर्ट की दखल के बाद नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) मंगलवार को आधिकारिक तौर पर 5वीं बार नेपाल के प्रधानमंत्री (Nepal Prime Minister) बने. काठमांडू में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने शेर बहादुर देउबा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शुरू में समारोह का आयोजन शाम छह बजे (भारतीय समयानुसार पौने छह बजे) होना था लेकिन इसमें इसलिए देर हुई, क्योंकि देउबा ने कहा कि वह तब तक पद की शपथ नहीं लेंगे जब तक राष्ट्रपति उनकी नियुक्ति के नोटिस में संशोधन नहीं करतीं. चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि देउबा को संविधान के अनुच्छेद 76(5) के तहत प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाना चाहिए. ‘द हिमालय टाइम्स’ ने खबर दी है कि राष्ट्रपति ऑफिस ने उस अनुच्छेद के बारे में नहीं बताया था जिसके तहत देउबा को प्रधानमंत्री बनाया जा रहा है.
SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.


