
NATO की नजर में World Security के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं China और Russia, परमाणु हथियारों पर जताई चिंता
Zee News
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) का कहना है कि चीन और रूस (China & Russia) दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरे के तौर पर सामने आ रहे हैं.
ब्रसेल्स: उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) का कहना है कि चीन और रूस (China & Russia) दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरे के तौर पर सामने आ रहे हैं. नाटो ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले कुछ वक्त में दोनों देशो ने जिस तरह से आक्रामकता दिखाई है, उससे वह दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. नाटो नेताओं ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था को कमतर करने के लिए लगातार काम कर रहा है. वह काफी तेजी से परमाणु मिसाइल विकसित कर रहा है, जो बेहद खतरनाक है. ‘द सन’ की रिपोर्ट के अनुसार, नाटो नेताओं ने रूस (Russia) के बारे में बोलते हुए कहा कि परमाणु हथियार और साइबर हैक्स के संबंध में मॉस्को की आक्रामकता न केवल नाटो देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है. बता दें कि कॉर्नवाल में अपनी बैठकों के बाद G-7 के नेता सोमवार को ‘पश्चिम को सुरक्षित रखने’ के एजेंडे पर बातचीत के लिए ब्रसेल्स के लिए रवाना हुए थे.
Russia Oresnik Hypersonic Missile: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस की ओर से ओरेशनिक मिसाइल के हमले का जिक्र किया. यूक्रेन में जिस जगह पर हमला हुआ वह NATO देश पोलैंड की सीमा के पास स्थित है. इस जगह पर F-16 और मिग-29 लड़ाकू विमानों की सर्विसिंग हो रही थी. इस हमले का जिक्र करते हुए मैक्रों ने कहा कि यूरोप अब ऐसी मिसाइलों की सीधी रेंज में है. इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

Iran Khamenei Protests: दिसंबर 2025 में देश में मंहगाई के यह खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ था. जो अब बड़े आंदोलन में बदल गया है. देश भर में लोग सड़कों पर उतरकर शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं. जगह-जगह पर खामेनेई के पोस्टर जलाए जा रहे हैं. ईरानी सरकार ने उन्हें रोकने के लिए बेहद सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है.

Iran missile power: ईरान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और उसके पास मौजूद मिसाइलों का जखीरा दुनिया के किसी भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम को मिट्टी में मिलाने का दम रखता है. तेहरान ने सालों की मेहनत और पाबंदियों के बावजूद एक ऐसी 'आसमानी फौज' खड़ी कर ली है, जिसकी रफ्तार और ताकत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.

Saudi Arabia Buy JF-17 Fighter Jets: पाकिस्तान JF-17 को एक किफायती और युद्ध में आजमाया लड़ाकू विमान बता रहा है. इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा है. अजरबैजान, नाइजीरिया, म्यांमार और लीबिया के साथ हुए सौदों का हवाला देकर इसकी मांग दिखाई जाती है. हालांकि पहले भी कई बार बड़े हथियार सौदों की खबरें सामने आईं है. जो बाद में केवल समझौता ज्ञापन (MoU) तक सीमित रह गईं.

Turkeys MKE Boran 105MM Light Howitzer: MKE ने बताया कि BORAN को साल 2021 में तुर्की सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था. इसके बाद 2024 में बांग्लादेश को इसकी डिलीवरी हुई. जो तुर्की के इतिहास में पहली बार किसी होवित्जर तोप का विदेश निर्यात था. एशिया और यूरोप में किए गए प्रदर्शन और परीक्षणों ने इसकी क्षमताओं को और मजबूत किया.

Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.







