
Modi Sarkar 2.0 में कभी खुशी, कभी गम.. कैसा रहा दूसरा कार्यकाल?
Zee News
मोदी सरकार 2.0 के दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन बीते दो वर्षों में सरकार ने लोगों को कितनी खुशी दी है और सरकार के फैसले से लोगों को कितना गम मिला है? इस सवाल का जवाब आपको इस खास रिपोर्ट में मिल जाएगा.
नई दिल्ली: देश में मोदी सरकार पार्ट 2 के दो साल पूरे हो चुके हैं, आज ही के दिन 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी. अब इस सवाल का जवाब मिलना जरूरी है कि जनता की नज़र में दो साल का कार्यकाल कैसा रहा? नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब केंद्र की भाजपा नीत सरकार की प्रचंड बहुमत के साथ शानदार वापसी हुई, तो दूसरी बार सरकार बनाने के साथ ही मोदी सरकार ने ताबतड़तोड़ और आक्रामक अंदाज में फैसले लेने शुरू कर दिए. इसके कई सारे उदाहरण हैं, लेकिन आपको मोदी सरकार के 5 बड़े फैसले और उनसे होने वाली साइड इफेक्ट्स के जरिए दो साल के कार्यकाल के एक-एक पहलू को समझाते हैं.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










