)
MiG-21: 'उड़ता ताबूत' नहीं, इंडियन एयरफोर्स का गौरवशाली योद्धा; जानें सबसे अनुभवी पायलट की ज़ुबानी सच्चाई
Zee News
Indian Air Force MiG-21: एयर कमोडोर त्यागी ने अपने 4,000 से ज़्यादा फ्लाइंग घंटों और 6,300 सॉर्टियों के अनुभव के आधार पर बताया कि MiG-21 के ज़्यादातर हादसे इसकी आंतरिक कमियों के कारण नहीं, बल्कि इसके अत्यधिक इस्तेमाल के कारण हुए हैं.
Indian Air Force MiG-21: भारतीय वायुसेना के इतिहास में MiG-21 लड़ाकू विमान का नाम हमेशा एक बहस का हिस्सा रहा है. दशकों तक IAF की रीढ़ रहे इस विमान को अक्सर 'फ्लाइंग कॉफ़िन' यानी उड़ता ताबूत कहकर पुकारा जाता है. लेकिन, क्या यह उपनाम इसकी वास्तविक क्षमता और इतिहास के साथ न्याय करता है? रक्षा विशेषज्ञ और दुनिया के सबसे अनुभवी MiG-21 पायलट, एयर कमोडोर सुरेंद्र सिंह त्यागी, इस बात से असहमत हैं. उनके मुताबिक, यह विमान हमेशा से एक विश्वसनीय और बेहद सक्षम मशीन रहा है.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








