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Mann Ki Baat: जैसे मौसम वैसे खान-पान...वैसे ही बदलें अपना पासवर्ड, पीएम मोदी ने साइबर ठगों से बचने का दिया नया फॉर्मूला
Zee News
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मन की बात कार्यक्रम में सभी देशवासियों को देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. पीएम ने कहा कि मैंने डिजिटल अरेस्ट पर बहुत बात की है. समाज में इसको लेकर जागरूकता तो आई है, लेकिन अभी काफी कुछ रह गया है. पीएम ने कहा कि लोग अभी भी स्कैमर्स का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में इससे बचाव के लिए पीएम मोदी ने देश के लोगों को सेहत और सिक्योरिटी का अनोखा मंत्र दिया है.
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (रविवार को) साल 2026 के अपने दूसरे 'मन की बात' कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी और ट्रेडिशन के अद्भुत संगम की चर्चा की. यह मन की बात कार्यक्रम का 131वां एपिसोड था. इसमें पीएम ने कहा कि आज जहां हम एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ हमारे देशवासियों में होली के त्योहार को लेकर गजब का जोश दिख रहा है. पीएम ने साफ किया कि आने वाला समय डिजिटल है, लेकिन हमारी जड़ें संस्कृति में ही रहेंगी. साथ ही पीएम ने साइबर ठगी से बचने के लिए देशवासियों को एक नया मंत्र भी दिया.
पीएम ने दिया सेहत और सिक्योरिटी का अनोखा मंत्र पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि जिस तरह हम बदलते मौसम के साथ अपनी डाइट (खान-पान) और कपड़े बदल लेते हैं, ठीक उसी तरह हमें अपने डिजिटल जीवन में भी बदलाव की आदत डालनी चाहिए. उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे हम सर्दी में गरम खाना खाते हैं और गर्मी में ठंडी चीजें पसंद करते हैं, वैसे ही समय-समय पर अपने ऑनलाइन अकाउंट्स के पासवर्ड बदलते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अक्सर हम एक बार पासवर्ड बना लेते हैं और बरसों तक उसे नहीं बदलते. यही वह खिड़की है जहां से साइबर अपराधी आपके घर (बैंक खाते या डेटा) में सेंध लगाते हैं.
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पीएम ने डिजिटल अरेस्ट पर भी बात की पीएम मोदी ने देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को लेकर एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने खास तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ी जरूर है, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है. कई लोग आज भी स्कैमर्स के जाल में फंस रहे हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार ठग खुद को बैंक या कोई और संस्था का बड़ा अधिकारी बताकर फोन करते हैं. वे लोगों को डराते हैं कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज हो गया है या उनका अकाउंट ब्लॉक होने वाला है. फिर वे लोगों की प्राइवेट जानकारी या पैसे मांगते हैं. घबराहट में लोग अपनी डिटेल शेयर कर देते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं. इसमें व्यापारियों तक को नहीं छोड़ा जा रहा है.
KYC के नाम पर फैल रहा जाल पीएम ने बताया कि आज के समय में पेंशन, सब्सिडी, बीमा और यूपीआई जैसी सुविधाएं बैंक खाते से जुड़ी हुई हैं. इसलिए बैंक समय-समय पर KYC और री-KYC की प्रक्रिया करते रहते हैं. लेकिन कई बार इसी का फायदा उठाकर ठग फर्जी मैसेज और कॉल भेजते हैं. वे लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी बताने को कहते हैं. यही वह पल होता है, जहां से ठगी की शुरुआत हो जाती है.
