
Maharashtra में Corona Vaccine की कमी, Mumbai में अगले तीन दिनों तक बंद रहेंगे Vaccination Centres
Zee News
महाराष्ट्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र की ओर से वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई है. इसके अलावा, सीरम इंस्टीट्यूट को कोरोना वैक्सीन का जो ऑर्डर दिया गया है, उसके भी एक मई तक पहुंचने की संभावना बेहद कम है. इसलिए 18+ लोगों को फिलहाल वैक्सीन नहीं लग पाएगी.
मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में जहां कोरोना (Coronavirus) महामारी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं मुंबई प्रशासन ने तीन दिन वैक्सीनेशन सेंटर (Vaccination Centres) बंद रखने का फैसला लिया है. प्रशासन का कहना है कि वैक्सीन की कमी के चलते यह कदम उठाना पड़ा है. राज्य सरकार ने एक मई से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन के चौथे चरण को लेकर भी हाथ खड़े कर दिए हैं. सरकार ने कहा है कि उसके पास पर्याप्त वैक्सीन नहीं हैं और जब तक कम से कम पांच दिनों का स्टॉक नहीं आ जाता टीकाकरण शुरू नहीं होगा. मुंबई में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की किल्लत पिछले कई से देखी जा रही है. लगभग हर रोज कोई न कोई टीका केंद्र बंद रहता है. हाल ही में टीका लगवाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर्स पहुंचे अधिकांश लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का कहना है कि अभी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. जैसे ही वैक्सीन आएगी, लोगों को फोन, मैसेज के द्वारा सूचित किया जाएगा. BMC ने ट्वीट कर लोगों से सहयोग की अपील की है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









