
Ladakh से सैनिकों के लौटने के बाद खतरा कम हुआ लेकिन बिल्कुल खत्म नहीं: Manoj Mukund Naravane
Zee News
इंडियन आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि पैंगोंग में हालाज तब तक सामान्य नहीं कह सकते जब तक पीछे के इलाकों से हमारे सैनिक वापस नहीं आ जाते है. क्योंकि तनाव अब भी काफी है और टकराव की स्थिति हमेशा रहती है.
नई दिल्ली: आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने गुरुवार को कहा कि चीन के साथ समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील (Pangong Lake) इलाके से सैनिकों के हटने के बाद भारत के लिए खतरा केवल कम हुआ है, लेकिन यह बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है. नरवणे ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में उन क्षेत्रों में अब भी बैठे हैं जो पिछले साल मई में गतिरोध शुरू होने से पहले भारत के नियंत्रण में थे. पर्वतीय क्षेत्र की स्थिति का रेफरेंस देते हुए नरवणे ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में कहा कि पीछे के इलाकों में सैन्य बल उसी तरह बरकरार है, जिस तरह यह सीमा पर तनाव के चरम पर पहुंचने के समय थी.
India 6th Generation Fighter jet: फ्रांस, स्पेन और जर्मनी का संयुक्त रूप से चल रहा 6वीं पीढ़ी का फाइटर जेट आपसी मदभेदों की वजह से बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. यूरोपीय देशों का विवाद भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. क्योंकि जर्मनी ने भारत को 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट का ऑफर दिया है.

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Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

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