
Karnataka: येदियुरप्पा के बाद इन्हें मिल सकती हैं राज्य की कमान, CM रेस में ये 5 बड़े नाम
Zee News
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
बेंगलुरूः कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद से लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिर कर्नाटक की कमान किसे मिलेगी. आइए आपको बताते हैं कि आखिर कौन लोग हैं जो सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. इनका नाम सबसे आगे येदियुरप्पा के इस्तीफा देने की घोषणा करने के बाद कर्नाटक की खान और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा हैं. 56 वर्षीय नेता ने रविवार को दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी. उसके बाद से ही उनके मुख्यमंत्री बनने के कयास तेज हो गए हैं. बीजेपी से तीन बार विधायक रहे निरानी लिंगायत समुदाय से आते हैं और यह समुदाय राज्य की राजनीति में एक बड़ा स्थान रखता है. वहीं, येदियुरप्पा खुद भी इसी समुदाय से आते हैं.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









