
Kanpur में हिंदू परिवारों ने घर के बाहर लगाए 'पलायन कर रहे हैं' के पोस्टर, जानें क्या है पूरा मामला
Zee News
पुलिस लोगों को भरोसा दे रही है और गुनहगारों पर सख्ती का दावा कर रही है, लेकिन सवाल ये है कि फिर ये नौबत आई क्यों? क्यों अपने ही घर की छत कुछ लोगों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई और क्यों आजतक इस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई?
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कर्नलगंज (Kanpur Colonelganj) में चार दिन पहले छेड़खानी के विरोध में दो समुदायों के बीच हुए हंगामे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. आरोप है कि यहां रह रहे 10 हिंदू परिवारों पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा है. अब हिंदू परिवारों (Hindu Families) ने कहा कि वे इलाके में स्थित अपने घरों को बेचकर पलायन करने की योजना बना रहे हैं. हिंदू परिवारों (Hindu Families) ने घरों पर बिकाऊ की तख्ती लटका दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार के लोगों को समझाया और सुरक्षा का भरोसा दिया. वहीं दूसरी तरफ अराजक तत्वों को हिदायत देकर उनके घरों के बाहर नोटिस चस्पा दिया गया है. कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने कहा है कि सभी को परिवारों को सुरक्षित रहने का पूरा अधिकार है. आसपास अलग समुदाय के रहने वाले लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए. तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस-पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










