
Kabul Attack: अमेरिका से आतंकी को पहचानने में हुई बड़ी भूल, जवाबी हमले में निर्दोष को मार गिराया!
Zee News
काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने बदला लेने की बात कही थी और इसके कुछ ही घंटों बाद यूएस ने एक एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया था. अमेरिका ने कहा था कि उसने अपने सैनिकों की मौत का बदला ले लिया है, लेकिन अब अमेरिका के इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं.
वॉशिंगटन: काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर आतंकी हमले के लिए अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट को जिम्मेदार ठहराया था. धमाके के कुछ घंटे बाद अमेरिकी सैनिकों (US Troops) ने एक आतंकी को मार गिराने का दावा किया था, लेकिन अब इस दावे पर प्रश्नचिन्ह लग गया है. एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका से आतंकियों की पहचान करने में गलती हो गई और उसने आतंकियों को टारगेट करने के बजाय एक निर्दोष व्यक्ति को मार डाला, जो अमेरिकी सहायता समूह के लिए काम करता था. न्यूज एजेंसी AFP ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के हवाले से बताया है कि अमेरिका (America) ने 29 अगस्त को अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक (Airstrike) में इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत (ISKP) के आतंकियों के बजाय गलती से शायद अपने ही सहायता कर्मी को मौत के घाट उतार डाला. दरअसल, काबुल अटैक के 48 घंटे के बाद अमेरिका ने एयरस्ट्राइक की थी और इस्लामिक स्टेट खोरासान के जिम्मेदार आतंकी को मारने का दावा किया था. काबुल हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों सहित 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिसमें ज्यादातर अफगानी शामिल थे.
Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.

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