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JF-17 और F-16 की अब खैर नहीं! भारत के Mk-2 और Mk-3 में DRDO लगाएगा AESA सीकर रडार, चीन-पाक के उड़े होश
Zee News
India Astra MK2-MK3 Missiles: यह AESA सीकर तकनीक के लिहाज से काफी उन्नत है. महज 190 मिमी व्यास वाले मिसाइल के नोज सेक्शन में दर्जनों छोटे ट्रांसमिट-रिसीव मॉड्यूल लगे होते हैं. जो मिलकर एक पूरा रडार सिस्टम बनाते हैं. पुराने मैकेनिकल सीकर जहां एंटीना घुमाकर टार्गेट को ट्रैक करते थे. वहीं AESA सीकर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बीम को मोड़ता है. इससे टारगेट लॉक बेहद तेजी से होता है. दुश्मन विमान के लिए बच निकलना मुश्किल हो जाता है.
India Astra MK2-MK3 Missiles: भारत की एयर-टू-एयर मिसाइल क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जा रहा है. DRDO ने बताया कि Astra Mk-2 और Astra Mk-3 मिसाइल में एक ही स्वदेशी AESA रडार सीकर का इस्तेमाल किया जाएगा. यह वही मिनी रडार है. जो मिसाइल के अगले हिस्से में लगा होता है. दुश्मन के विमान को पकड़कर अंतिम हमले तक ट्रैक करता है. इस फैसले से भारत उन गिने-चुने देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है. जो इस तरह के एडवांस AESA सीकर को खुद डिजाइन और तैयार करने की क्षमता रखते हैं. इससे न सिर्फ उत्पादन और रखरखाव आसान होगा. बल्कि लागत भी कम होगी. : देश-दुनिया, जियो-पॉलिटिक्स, इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स, इंडियन नेवी, हथियारों और डिफेंस की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ऐप
