
Jammu Kashmir: श्रीनगर में एक एक बार फिर बढ़ा संक्रमण का खतरा, आज से कोरोना कर्फ्यू लागू
Zee News
कश्मीर में इस समय पर्यटक भी आ रहे हैं ऐसे में कोरोना को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. श्रीनगर में बीते दिनों से लगातार बढ़ रहे मामलों को ध्यान में रखते हुए कोरोना कर्फ्यू का फैसला लिया है.
श्रीनगर: घाटी में कोरोना की मार जारी है. एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. श्रीनगर में कोरोना को लेकर सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने 10 दिनों तक के लिए कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) लगाने का फैसला लिया है.
कोरोना वायरस (Coronavirus) के रोजाना नए मामलों की बढ़ती संख्या के बाद, अधिकारियों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के श्रीनगर जिले के कुछ हिस्सों में संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए 10 दिनों तक कर्फ्यू (Corona Curfew) लगाने की घोषणा की है. जिलाधिकारी मोहम्मद एजाज की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जदीबल और लाल बाजार नगर पालिका वार्ड के अंतर्गत आने वाले इलाकों में शुक्रवार से ही सख्त कर्फ्यू लागू हो जाएगा.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










