
India और Australia के बीच ‘टू-प्लस-टू’ वार्ता शुरू, इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
Zee News
India-Australia Talks: 'टू-प्लस-टू' वार्ता में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान की सिक्योरिटी पर चिंता जताई. नाजुक सुरक्षा हालात पर चर्चा की और तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान से आतंकवाद फैलने की आशंका के बारे में बात की.
नई दिल्ली: भारत (India) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने रक्षा और विदेश मंत्रालय के स्तर के ‘टू-प्लस-टू’ वार्ता (Two Plus Two Talks) की शुरुआत शनिवार को की. इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की ओर से बढ़ते सैन्य दबाव के बीच दोनों देशों में रक्षा और सामरिक सहयोग को और बढ़ाना है. विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्षों मारिस पायने और पीटर डटन (Peter Dutton) के साथ 'टू-प्लस-टू' वार्ता की. ये संवाद ऐसे वक्त हो रहा है जब पूरी दुनिया का ध्यान अफगानिस्तान में हालात पर है और इस वार्ता के दौरान भी इसपर चर्चा होने की उम्मीद है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.









