
History of 4th September: क्या कहता है 4 सितंबर का इतिहास, जानिए इस तारीख को घटी प्रमुख घटनाएं
Zee News
History of 4th September: समुद्र में डूबे टाइटैनिक जहाज की पहली तस्वीरें इसके डूबने के 73 बरस बाद 4 सितंबर 1985 को पहली बार सामने आईं. इतिहास की शांतिकाल की सबसे बड़ी समुद्री आपदाओं में से एक इस घटना में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
नई दिल्लीः History of 4th September: ऐतिहासिक तौर पर और कई घटनाओं के लिए 4 सितंबर की तारीख बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस दिन ऐसी कई घटनाएं हुईं जिन्होंने देश-दुनिया को बदलकर रख दिया. इस तारीख के नाम पर क्या-क्या है दर्ज, डालते हैं एक नजर- टाइटैनिक की तस्वीरें सामने आईं दुनिया का सबसे बड़ा, वाष्प आधारित यात्री जहाज टाइटैनिक, इंग्लैंड के साउथहैंप्टन से अपनी प्रथम यात्रा पर, 10 अप्रैल 1912 को रवाना हुआ और कभी अपनी मंजिल पर नहीं पहुंचा. दुनिया का सबसे सुरक्षित और कभी न डूबने वाला बताया गया यह जहाज चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को एक हिमशिला से टकरा कर डूब गया था.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.









