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Haldwani Violence: जिस मस्जिद को लेकर हल्द्वानी की फिजा हुई खराब, क्या वो वैध थी? जानें हिंसा से पहले हाई कोर्ट का क्या कहना था
Zee News
Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी (Haldwani) शहर की फिजा गुरुवार देर शाम खराब हो गई. हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में मदरसा और मस्जिद पर नगर निगम ने बुलडोजर चलाया था. निगम के इस एक्शन को देख वहां पर भीड़ जुटने लगी और देखते ही देखते उग्र हो गई. जानिए इस दंगा होने से पहले इस मस्जिद और मदरसे को लेकर हाईकोर्ट का क्या कहना था.
नई दिल्ली, Banbhoolpura Madrasa masjid: उत्तराखंड के हल्द्वानी (Haldwani) शहर की फिजा गुरुवार देर शाम खराब हो गई. हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में मदरसा और मस्जिद पर नगर निगम ने बुलडोजर चलाया था. निगम के इस एक्शन को देख वहां पर भीड़ जुटने लगी और देखते ही देखते उग्र हो गई. कुछ ही देर ने बनभूलपुरा इलाका जलने लगा. भीड़ ने नगर निगम की टीम के साथ-साथ पुलिसबल और पत्रकारों को घेर लिया और जानलेवा हमला कर पत्थरबाजी और फायरिंग कर दी. हिंसा की आग में सुलग रहे हल्द्वानी को बचाने के लिए पुलिस ने बमुश्किल मौर्चा संभाला और शांति बनाई. मदरसे और मस्जिद पर नगर निगम द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई पर अब ये सवाल उठता है कि आखिर करवाई के नाम पर ध्वस्त किया गए मदरसे और मस्जिद वैध थे या अवैध. आइए जानते हैं दंगे होने से पहले हाई कोर्ट का इस ओअर क्या कहना था.

Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










