
Gujrat: तो क्या विजय रुपाणी की मीठी बोली ने छीन ली उनकी कुर्सी, जानिए 2 बड़े कारण
Zee News
राज्य में अगले वर्ष दिसंबर में होने वाले चुनाव से करीब सवा साल पहले शनिवार को इस्तीफा देने वाले रूपाणी (65) ने कई कानून पारित करने में अहम भूमिका निभाई .
अहमदाबादः गुजरात के सीएम विजय रूपाणी एक मृदुभाषी मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते रहे हैं. राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि इसी विशेषता के कारण उनकी छवि ‘कमजोर’ मुख्यमंत्री की बन गयी और नौकरशाह महत्वपूर्ण फैसले लेने में राजनीतिक नेतृत्व की अनदेखी करते रहे . कुछ पर्यवेक्षकों का यह भी मानना है कि रूपाणी जिस तरह कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर और उसके बाद आर्थिक तथा सामाजिक परेशानियों से निपटे, उससे भी उन्हें पद छोड़ना पड़ा . रुपाणी ने दिया इस्तीफा राज्य में अगले वर्ष दिसंबर में होने वाले चुनाव से करीब सवा साल पहले शनिवार को इस्तीफा देने वाले रूपाणी (65) ने अपने दूसरे कार्यकाल में अंतर-धार्मिक विवाहों के खिलाफ सख्त धर्मांतरण रोधी कानून पारित करने में अहम भूमिका निभाई . उन्होंने गोकशी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून लाने में भी भूमिका निभाई . पिछले लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान गुजरात में भाजपा का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे, लेकिन अल्पसंख्यक जैन समुदाय से आने वाले रूपाणी ने गुजरात में पार्टी के प्रचार की कमान संभाली .More Related News
