
Gallantry Awards 2021: UP को 9 पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री, 4 प्रेसीडेंट पुलिस मेडल सहित मिलेंगे इतने पदक, यहां देखें पूरी लिस्ट
Zee News
इस बार देश भर से कुल 1380 पुलिसकर्मियों को मेडल दिए जाएंगे. इसमें यूपी के भी कई पुलिसकर्मी शामिल हैं.
विशाल रघुवंशी/लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले मेडल की घोषणा कर दी है. इस बार देश भर से कुल 1380 पुलिसकर्मियों को मेडल दिए जाएंगे. जिसमें 662 पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक, 628 कर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 88 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 662 कर्मियों को मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा. इसमें यूपी के भी कई पुलिसकर्मी शामिल हैं. जिसमें 9 पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री, 4 प्रेसीडेंट पुलिस मेडल हैं. यहां देखिए पूरी लिस्ट-: इन अधिकारियों को मिलेगा पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री अवॉर्ड आईपीएस अजय कुमार साहनी आईपीएस बिजेन्द्र पाल राना आईपीएस अक्षय शर्मा आईपीएस भूपेंद्र कुमार शर्मा आईपीएस सुनील नागर आईपीएस तस्लीम खान आईपीएस प्रमेश कुमार शुक्ला आईपीएस पंकज मिश्रा आईपीएस शैलेंद्र कुमार
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










