
FAKE Encounter मामले में फरार रिटायर्ड DSP रणधीर सिंह ने किया सरेंडर, बीटेक छात्र को मारी गई थी गोली
Zee News
तीन अगस्त 2002 को सिकंदराबाद-बुलंदशहर मार्ग पर बिलसुरी के पास कुछ बदमाशों ने लूट के दौरान बस परिचालक को गोली मारकर घायल कर दिया था. बाद में इस मामले में पुलिस ने एक कथित बदमाश को मार गिराया था, जिसका नाम प्रदीप था.
मोहित गोमत/बुलंदशहर: फेक एनकाउंटर मामले में यूपी पुलिस के इनामी रिटायर्ड DSP रणधीर सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. वह लंबे समय से फरार चल रहे थे. बुलंदशहर एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने 5 अक्टूबर को उनके सिर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. साल 2002 में तत्कालीन सिकंदराबाद कोतवाली इंस्पेक्टर रहते रणधीर सिंह ने एक एनकाउंटर की अगुवाई की थी.
SC से संपत्ति कुर्क करने का नोटिस जारी उन पर बीटेक के छात्र को लूटेरा बातकर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. रिटायर्ड डीएसपी रणधीर सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 7 लाख रुपये का जुर्माना ठोका था. रिटायर्ड डीएसपी रणधीर सिंह 2018 से कई समन जारी होने के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुए थे. शीर्ष अदालत ने उनकी संपत्ति कुर्क करने का नोटिस जारी किया है.
