
EXCLUSIVE: तालिबान चाहता था, भारतीय राजनयिक काबुल दूतावास में बने रहें
NDTV India
सूत्रों के मुताबिक, काबुल पर 15 अगस्त को कब्ज़े के बाद स्टैनिकज़ई ने अपने संपर्क सूत्र के ज़रिये यह संदेश भेजा था कि भारतीय अथॉरिटी को बताया जाए कि काबुल में उन्हें कोई खतरा नहीं है.
तालिबान नहीं चाहता था कि भारत काबुल का दूतावास खाली करे. सूत्रों के मुताबिक, इस बाबत उसने भारत को संदेश भी भेजा था. भारतीय राजनयिकों को बने रहने का अनुरोध सीधे तौर पर नहीं किया गया था, बल्कि संपर्क सूत्र के ज़रिये किया गया था.More Related News

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