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Electoral Bonds: 15 प्रमुख कॉर्पोरेट हस्तियों ने चुनावी बॉन्ड खरीदे, चुनाव आयोग के आंकड़ों में खुलासा
Zee News
Who bought electoral bonds? कुल 333 व्यक्तियों ने ₹358.91 करोड़ की राशि के बॉन्ड खरीदे. उनमें 15 बड़े नाम जिनमें से कई बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर हैं. उनका चुनावी बॉन्ड खरीदने का योगदान ₹158.65 करोड़ या कुल का 44.2% है.
Who bought electoral bonds? भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के चुनावी बांड डेटा के खुलासे से पता चलता है कि अप्रैल 2019 और जनवरी 2024 के बीच कुल 333 व्यक्तियों ने ₹358.91 करोड़ की राशि के बॉन्ड खरीदे. IE अखबार की रिपोर्ट में पाया गया कि इन व्यक्तियों में से 15 बड़ी शख्सियतें, जिनमें से कई बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, उनका योगदान ₹158.65 करोड़ या कुल का 44.2% है.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









