
Eid-e-Milad-un-Nabi 2021: ईद-ए-मिलाद के मौके पर पढ़ें हज़रत मोहम्मद के कुछ ख़ास उपदेश
Zee News
Prophet Muhammad Message: ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर पैगंबर मोहम्मद की तालीमात को आम किया जाता है और उनके बयानात लोगों को पढ़ कर सुनाए जाते हैं. आइिए इस मुबारक दिन के मौके पर पैगंबर मोहम्मद के कुछ अकवाल आपको सुनाते हैं:
Eid-E-Milad 2021: आज इस्लामिक कैलेंडर के ऐतबार से इस्लाम के तीसरे महीने रबीउल अव्वल की 12 तारीख है. इसी तारीख को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पैदाइश हुई थी, जिसे दुनिया भर में मुसलमान ईद-ए-मिलाद-उन-नबी या ईद-ए-मिलाद के तौर पर मनाते हैं. पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पैदाइश की खुशी में मुस्लिम मस्जिदों में नमाज़ें अदा करते हैं. रातभर मोहम्मद को याद कर दुआएं मांगते हैं, जुलूस निकालते हैं, मजलिसें बुलाई जाती हैं.
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर पैगंबर मोहम्मद की तालीमात को आम किया जाता है और उनके बयानात लोगों को पढ़ कर सुनाए जाते हैं. आइिए इस मुबारक दिन के मौके पर पैगंबर मोहम्मद के कुछ अकवाल आपको सुनाते हैं:

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









