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Earthquake: भूकंप के झटकों से डोली जम्मू-कश्मीर की धरती, रिक्टर स्केल पर मापी गई 4.9 की तीव्रता
Zee News
Earthquake In Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में आज सुबह तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके कारण लोगों में दहशत फैल गई. बता दें कि यह भूकंप 2 बार आया, हालांकि इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है.
नई दिल्ली: Earthquake In Jammu Kashmir: धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर में आज मंगलवार 20 अगस्त 2024 को भूकंप के एक के बाद एक झटके महसूस किए गए. भूकंप के इन 2 झटकों से घाटी के लोग सहम उठे. भूकंप के पहले झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई. वहीं दूसरा झटका 4.6 तीव्रता वाला था. भूकंप के झटकों के कारण अभी तक किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, हालांकि इसके चलते लोगों में दहशत जरूर फैल गई. Earthquake of Magnitude: 4.9, Occured on: 20/08/2024 06:45:57 IST, Lat: 34.17 N, Long: 74.16 E, Depth: 5 Km, Region: Baramulla, Jammu and Kashmir. More details at or BhooKamp App | An earthquake of magnitude 4.9 on the Richter Scale struck Jammu and Kashmir
— Meteorological Centre Srinagar (@metsrinagar)

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

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