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DRDO बना रहा है 12,000 KM रेंज वाली K-8 मिसाइल, नई S-5 क्लास पनडुब्बियों में होगी तैनात; जद में पूरी दुनिया
Zee News
DRDO K series missile: इन शक्तिशाली मिसाइलों को चलाने के लिए भारत को बड़ी पनडुब्बियों की जरूरत है. वहीं, S-5 क्लास पनडुब्बियां आकार में वर्तमान अरिहंत क्लास से काफी बड़ी होंगी. जिन्हें नौसेना में शामिल होने में अभी 6 से 7 साल का समय लग सकता है. ऐसे में, ये पनडुब्बियां और K-सीरीज की मिसाइलें मिलकर भारत की परमाणु ट्रॉयड को बेहद मजबूत बना देंगी.
DRDO K series missile: भारत की परमाणु ट्रॉयड की ताकत अब समंदर की गहराइयों में एक नया इतिहास रचने की तैयारी कर रही है. DRDO ने भविष्य के लिए एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जो भारत को दुनिया की उन चुनिंदा ताकतों में शामिल कर देगा जिनकी पहुंच समंदर के नीचे से दुनिया के किसी भी कोने तक होगी. ये 'K' सीरीज की मिसाइलें होंगी. जिनका सफर अब रुकने वाला नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं कि K सीरीज की मिसाइल को लेकर DRDO ने क्या तैयारी की है.
