
DNA ANALYSIS: Coronavirus हवा में कैसे फैलता है, जानिए The Lancet की रिपोर्ट का दावा क्या
Zee News
Coronavirus: पिछले साल जब कोरोना आया था, तब सोशल डिस्टेंसिंग यानी दो गज की दूरी का नियम इसलिए बनाया गया क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना था कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित मरीज से दो गज की दूरी पर खड़ा होता है तो वो इससे संक्रमित नहीं होगा.
नई दिल्ली: हम आपको कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए खतरे से सावधान करना चाहते हैं. मशहूर मेडिकल जर्नल The Lancet में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस हवा में भी फैल सकता है और भारत सरकार के नीति आयोग ने भी इस बात को माना है. नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी. के. पॉल ने कहा है कि भारत में संक्रमण हवा के जरिए तेजी से फैल रहा है, जिसकी वजह से मामले बढ़ रहे हैं. जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है या वो फिर ज़ोर से चिल्लाकर बोलता है या गाने गा रहा होता है तो इस दौरान उसके मुंह और नाक से कई Droplets हवा में घुल जाते हैं. और अगर ये व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है तो फिर इन Droplets में वायरस मौजूद हो सकता है. यानी इस तरह से वायरस हवा में आता है और फिर जब कोई दूसरा व्यक्ति उस हवा में सांस लेता है तो ये उसे संक्रमित कर देता है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









