
DNA Analysis: मीडिया के जरिए 'मेकओवर' की कोशिश, जानिये दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान ने क्या कहा?
Zee News
NATO देशों ने कहा है कि 31 अगस्त तक सभी को अफगानिस्तान (Afghanistan) से निकालना आसना नहीं होगा. अमेरिकी सेना (US Army) भी मान रही है कि ऐसा करना मुश्किल है. जो देश खुद को दुनिया का सुपरपावर बताते हैं, उन्हें भी एक आतंकवादी संगठन धमकी दे रहा है.
नई दिल्ली: तालिबान (Taliban) ने एक बार फिर अफगानिस्तान (Afghanistan) के लोगों के प्रति उदार और लोकतांत्रित रवैया अपनाने का दिखावा किया है. काबुल पर कब्जे के बाद तालिबान की ये दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, जिससे साफ होता है कि तालिबान इस बार मीडिया के जरिए अपनी छवि को बदलने के लिए बेकरार है. जबकि सच्चाई ये है कि वो बिल्कुल नहीं बदला है और अफगान लोगों को आज नहीं तो कल शरिया कानून (Shariya Law) मानना ही होगा. सबसे पहले हम आपको इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें बताते हैं. 1. तालिबान ने कहा है कि अमेरिका अफगानिस्तान के लोगों को देश छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है और वो ऐसा नहीं चाहता. उसका कहना है कि तालिबान को इन लोगों की प्रतिभा की जरूरत है. सोचिए अफगान नागरिकों का दमन करने वाला तालिबान अब लोगों की प्रतिभा की बातें कर रहा है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









