
DNA ANALYSIS: देश में जूतों के बाजार पर चीन के कब्जे की आहट, इतने हजार करोड़ रुपये का नुकसान
Zee News
किसानों के इस धरने की वजह से देश की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी खतरा पैदा हो गया है. जहां-जहां ये धरना चल रहा है, उसके आस पास के शहरों की अर्थव्यवस्था को इससे बहुत नुकसान हुआ है.
नई दिल्ली: दूसरे देशों के साथ लगी भारत की सीमाओं पर तो शांति है, लेकिन देश के ही कुछ राज्यों के बॉर्डर्स बहुत अशांत हैं. असम और मिजोरम की तरह दिल्ली के टिकरी बॉर्डर से भी हिंसा की खबर आई है. इस बॉर्डर पर किसान पिछले 8 महीनों से धरना दे रहे हैं. किसानों ने ये हिंसा तब की जब इसी धरने में शामिल एक किसान नेता ने खालिस्तान की आलोचना करने की हिम्मत दिखाई. इसी महीने की 21 तारीख को किसान नेता रूलदू सिंह ने अपने एक भाषण में खालिस्तानी आतंकवादी भिंडरावाले की निंदा की थी. इसके बाद 26 जुलाई को किसानों के एक गुट ने उनके टेंट पर हमला कर दिया. इस हमले में कई लोग घायल हो गए. इतना ही नहीं, रुलदू सिंह को 15 दिनों के लिए किसान आंदोलन से भी बाहर कर दिया गया.More Related News
