
DNA ANALYSIS: काबुल तक पहुंची Afghanistan की लड़ाई, समझिए कट्टर तालिबानी मानसिका का विश्लेषण
Zee News
इस समय हमारे अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी चैनल WION के पाकिस्तान संवाददाता अनस मलिक अफगानिस्तान में हैं. वो Ground Zero से पल पल की रिपोर्ट हम तक पहुंचा रहे हैं. पत्रकारिता के लिहाज से अफगानिस्तान सुरक्षित नहीं है हमारी टीम पर भी खतरा बना हुआ है इसके बावजूद हमारी रिपोर्टिंग जारी है.
नई दिल्ली: डीएनए में अब बात अफगानिस्तान (Afghanistan ) की जिसके 53% हिस्से पर तालिबान (Taliban) का कब्जा हो चुका है. पहली बार तालिबान ने एक प्रांत की राजधानी पर कब्जा किया है. सूत्रों के मुताबिक ये इलाका Nimroz प्रांत की राजधानी Zaran है. जिसके बाद अफगान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में कहा कि तालिबान को नहीं रोका गया तो अफगानिस्तान, सीरिया (Syria) बन जाएगा इसके वहां जीतने के लिए कुछ नहीं बचेगा. तालिबान खुद को अफगानिस्तान की अगली सरकार मानता है. लेकिन सच ये है कि लोग तालिबान 2.O नहीं चाहते. दरअसल ये साल 1990 के दशक वाला क्रूर तालिबान ही है जो अफगान लोगों को अपनी कट्टर सोच का गुलाम बनाना चाहता है. नई रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने अफगानिस्तान के एक प्राचीन गुरुद्वारे में लगे सिखों के धार्मिक चिह्न निशान साहब को हटा दिया है. इस गुरुद्वारे का नाम है थाला साहिब जो अफगानिस्तान के पख्तिया प्रांत में है. सिखों के लिए इस गुरुद्वारे का बहुत महत्व है क्योंकि यहां सिखों के पहले धर्म गुरु बाबा गुरु नानक भी एक बार यात्रा पर आए थे.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









