
DNA ANALYSIS: आतंकियों के लिए हमले का आसान तरीका क्यों बने Armed Drones? ये है सबसे बड़ी वजह
Zee News
भारत की तरफ से केन्द्रीय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव वी.एस.के. कौमुदी ने आज आर्म्ड ड्रोन्स यानी हथियारों से लैस ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर ये मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया और उन्होंने कई गंभीर बातें कहीं.
नई दिल्ली: आज हम सबसे पहले वर्ष 2018 के एक वीडियो की बात करेंगे, जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर एक सैन्य समारोह के दौरान दो ड्रोन्स से हमला हुआ था. उस समय इन दोनों ड्रोन्स में एक एक किलोग्राम RDX रखा गया था, लेकिन हमले से पहले ही ये दोनों ड्रोन्स हवा में फट गए, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई थी और निकोलस मादुरो बाल बाल बच गए थे. इस वीडियो का जिक्र करने के पीछे हमारा मकसद है कि आप ड्रोन के बढ़ते खतरों को समझें, जो अब एक खतरनाक हथियार बन चुके हैं. इस वीडियो से आप समझ गए होंगे कि एक ड्रोन कैसे एक देश की सेना और उसके राष्ट्रपति को हिला सकता है, लेकिन अब ये सोचिए अगर ये ड्रोन्स आतंकवादियों के हाथों में पहुंच जाएं तो क्या होगा? तो ये Drone हवा में उड़ते हुए आत्मघाती हमलावर बन जाएंगे. जम्मू कश्मीर में पिछले एक हफ्ते से यही खतरा सामने आया है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










