
DNA ANALYSIS: अफगानिस्तान को तालिबान ने नहीं, बल्कि अपने नेताओं के भ्रष्टाचार ने हराया!
Zee News
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी को Failed States का एक्सपर्ट माना जाता है. यानी वो दुनिया के उन गिने चुने लोगों में शामिल हैं जो ये पहले ही पता लगा सकते हैं कि किस देश की सरकार नाकाम होने वाली है, और इसके कारण क्या हो सकते हैं. लेकिन अफसोस अशरफ गनी अपने ही देश के फेल्ड स्टेट में बदल जाने का अनुमान नहीं लगा सके.
नई दिल्ली: अफगानिस्तान, तालिबान से नहीं बल्कि अपने नेताओं के भ्रष्टाचार से हारा है. जब अफगानिस्तान के लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे थे तब वहां के 72 साल के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) एक प्राइवेट विमान से देश छोड़कर निकल गए. रूस की मीडिया का दावा है कि अशरफ गनी राष्ट्रपति भवन से हेलिकॉप्टर से काबुल एयरपोर्ट पहुंचे. इस हेलिकॉप्टर में भारी मात्रा में कैश रखा हुआ था. इसके अलावा कैश से भरी 4 गाड़ियां भी अशरफ गनी के साथ एयरपोर्ट पहुंचीं. अशरफ गनी इतना पैसा अपने साथ लेकर निकले थे कि हेलिकॉप्टर और गाड़ियों में जगह ही नहीं बची और उन्हें पैसों से भरा एक बैग तो एयरपोर्ट पर छोड़ना पड़ा. अशरफ गनी ने काम एयर (Kam Air) के एक विमान से उड़ान भरी. ये अफगानिस्तान की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन है. कहा जाता है कि इसका एक विमान हमेशा अशरफ गनी की सेवा में रहता था. यानी वो जब चाहें इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, और इसी विमान से अशरफ गनी ने पहले ताजिकिस्तान के लिए उड़ान भरी. लेकिन रिपोर्ट्स का दावा है कि ताजिकिस्तान (Tajikistan) ने उनके विमान को लैंड करने की इजाजत नहीं दी, और फिर उनका विमान ओमान (Oman) के लिए मुड़ गया. अभी अशरफ गनी के ओमान में ही होने का दावा किया जा रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि वो वहां से अमेरिका जाना चाहते हैं, लेकिन Zee News को जानकारी मिली है कि वो शायद ही ऐसा करेंगे. उनके पास इस समय अच्छा खासा पैसा है और हो सकता है वो इसी में से कुछ पैसा ओमान में निवेश कर दें, और आराम की जिंदगी बिताएं.
Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.

Fihgter jet War: ऑपरेशन सिंदूर में फाइटर जेट्स की जंग की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है.पाकिस्तान के इशारे पर फैलाया गया, विदेशी मीडिया का प्रोपेगैंडा फेल हो गया है. ओपन सोर्स इंटेल और ऑस्ट्रेलिया बेस्ड संगठन के मुताबिक, जंग में कम से कम पाकिस्तान के 6 से 9 विमान नष्ट हुए हैं. इसके अलावा हैंगर पर भारतीय हमले में भी फाइटर जेट नष्ट हुए हैं. ऐसे कुल संख्या करीब 19 पहुंच जाती है.

Astra MkII missile: भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे आधुनिक मिसाइल Astra MkII को दुनिया भर में बेचने की तैयारी कर रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो इस मिसाइल को 2026 के मध्य तक बड़े पैमाने पर उत्पादन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही, कई देशों ने इस भारतीय मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों में लगाने की इच्छा भी जाहिर की है.

Pinaka LRGR-120: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है, जिसने दुश्मनों की रातों की नींद उड़ा दी है. स्वदेशी रॉकेट सिस्टम 'पिनाका' अब इतना ताकतवर और सटीक हो गया है कि वह 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के कमांड सेंटर को पलक झपकते ही तबाह कर सकता है. इसी बीच खबर यह भी है कि फ्रांस ने पिनाका रॉकेट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. वहीं, US की रिपोर्ट में भी पिनाका रॉकेट की तारीफ की है.

Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.

IAF Air Launched Ballistic Missile: भारतीय वायुसेना अब अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरहद पार बैठे दुश्मनों के बंकर और एयरबेस अब पहले से कहीं ज्यादा निशाने पर होंगे. भारत सरकार ने हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (ALBM) की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है. इसका मतलब यह है कि अब हमारे फाइटर जेट्स सिर्फ छोटी मिसाइलें ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम और बिजली जैसी तेज रफ्तार वाली मिसाइलें लेकर उड़ेंगे, जो पलक झपकते ही दुश्मन का नामोनिशान मिटा देंगी.

S-400 Air Defence India: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जब यूक्रेन ने रूस के S-400 मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया, तो पूरी दुनिया में शोर मच गया. लोग पूछने लगे कि क्या भारत ने रूस से यह सिस्टम खरीदकर गलती की? लेकिन सच तो यह है कि जो लोग S-400 की आलोचना कर रहे हैं, वे भारत की असली ताकत और रणनीति को समझ ही नहीं पा रहे हैं.




