
Delhi High Court ने ड्रग कंट्रोलर पर उठाए सवाल, पूछा- गौतम गंभीर फाउंडेशन के खिलाफ क्यों नहीं हुई कार्रवाई
Zee News
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने ड्रग कंट्रोलर से सवाल किया कि आपने कुछ डीलर्स और लाइसेंसी होल्डर्स को तो कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए. लेकिन गौतम गंभीर फाउंडेशन (Gautam Gambhir Foundation) के खिलाफ कार्रवाई क्यों शुरू नहीं की.
नई दिल्ली: दवा और ऑक्सीजन सिलेंडर की होर्डिंग के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है और एक बार फिर ड्रग कंट्रोलर की एक्शन पर सवाल उठाए है. सुनवाई के दौरान ड्रग कंट्रोलर ने कोर्ट को बताया कि गौतम गंभीर फाउंडेशन (Gautam Gambhir Foundation) के द्वारा फेबीफ्लू की 2349 स्ट्रिप्स खरीदी गई है. कोर्ट अब 29 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगा. ड्रग कंट्रोलर ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में यह बताया है कि इस मामले में उन्होंने गौतम गंभीर फाउंडेशन (Gautam Gambhir Foundation) को नोटिस जारी किया है और यह पूछा है कि यह दवाइयां उन्होंने कहां से खरीदी हैं और क्या इसके लिए उन्होंने लाइसेंस अथॉरिटी से इजाजत ली थी. ड्रग कंट्रोलर ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह गौतम गंभीर फाउंडेशन के खिलाफ अनधिकृत तौर पर दवाओं को इतनी बड़ी मात्रा में हासिल करने और जमा करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.







