
Covid महामारी आने से पहले ही Vaccine तैयार कर चुका था China, विशेषज्ञ ने जताई आशंका
Zee News
चीन की आबादी की तुलना में न के बराबर कोविड मामले आना, महामारी का प्रकोप होने के 2 महीने बाद ही वैक्सीन के लाइसेंस के लिए आवेदन देना संदिग्ध है. ऐसा लगता है कि चीन ने पहले ही वैक्सीन बना लिया था.
बेंगलुरू: अब तक तो पूरी दुनिया चीन (China) पर इस बात को लेकर शक जता रही है कि उसने ही लैब में जानलेवा कोविड-19 (Covid-19) वायरस पैदा किया है, जिसने दुनिया में 37 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली और 17 करोड़ से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया. वहीं अब देश की शीर्ष विशेषज्ञ ने आशंका जताई है कि चीन ने इस वायरस के फैलने का अंदेशा देख महामारी (Pandemic) का प्रकोप होने से पहले ही वैक्सीन भी तैयार कर ली थी. पूरी दुनिया में जहां कोरोना ने जमकर कहर बरपाया, जबकि जिस देश में पैदा हुआ वहां केवल 91 हजार मामले आए और 4,636 मौतें दर्ज हुईं. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के मामलों की संख्या के आधार पर देखें तो दुनिया में सबसे ज्यादा 140 करोड़ की आबादी वाला चीन मामलों की संख्या में दुनिया में 98वें पर है. यह सोचने वाली बात है.
Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

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Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.










