
Coronavirus Death: देश में सरकारी आंकड़ों से ज्यादा लोगों की हुई मौत? स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी सफाई
Zee News
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) के आंकड़ों के आधार पर कोविड-19 की उच्च मृत्यु दर का दावा किया गया है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने खारिज कर दिया है.
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने मीडिया में आई उन खबरों को बुधवार को 'अनुमान और अटकलबाजी' बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) के आंकड़ों के आधार पर कोविड-19 की उच्च मृत्यु दर का दावा किया गया है. मंत्रालय ने कहा कि मीडिया में कुछ अनुमान पर आधारित खबरें आई हैं, जिसमें एचएमआईएस के आंकड़ों के आधार पर कोविड-19 के कारण अधिक लोगों की मौत होने का दावा किया गया है. मंत्रालय ने कहा, 'खबर में निष्कर्ष निकालने के लिए सिविल पंजीकरण व्यवस्था (सीआरएस) और एचएमआईएस के आंकड़ों की तुलना की गई है. ऐसी खबरें अनुमान और अटकलों पर आधारित है जिनका कोई ठोस आधार नहीं है.'
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










