
Coronavirus: कोरोना टेस्ट न करवाना पड़े, इसलिए रेलवे स्टेशन से इस तरह भागने लगे लोग, देखें VIDEO
Zee News
Corona in Bihar: पिछले दिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार [CM Nitish Kumar] ने कोविड-19 से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी मज़दूरों से बिहार वापस आने की अपील की थी
बक्सर: मुल्क भर में कोरोना वायसल की दूसरी हलर के सबब भयावह स्थिति पैदा हो गई है. प्रवासी मजदूर फिर से लॉकडाउन लगने के डर से शहरों को छोड़ कर अपने गावों की तरफ लौट रहे हैं. हालिया दिनों यूपी-बिहार के बस और रेलवे स्टेशनों में प्रवासी मजदूरों का ताना लगा हुआ है. यह दृश्य कल रात बक्सर स्टेशन का हैं और ये यात्री पुणे -पटना से उतरे हैं और कोरोना जाँच ना कराना पड़े इसलिए भाग रहे हैं इसी बीच शुक्रवार को बिहार के बक्सर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक के पीछे के रास्ते से सैकड़ों प्रवासी मजदूरों के भागने का वीडियो वायरल हुआ. दरअसल ये लोग रेसवे स्टेशन पर हो रहे कोरोना जांच के डर से स्टेशन से बाहर सरपट भागे जा रहे थे. बाताया जा रहा है कि ये वीडियो गुरुवार रात का है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









