
Corona Vaccine की सिर्फ 1 डोज से ही हो जाएगा काम, Johnson & Johnson ने मांगी आपातकालीन उपयोग की मंजूरी
Zee News
अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Johnson) ने भारत में सिंगल डोज वाली कोरोना वैक्सीन (Single-Shot Corona Vaccine) के आपातकालीन इस्तेमाल (EUA) की मंजूरी मांगी है.
नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में वैक्सीन को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है और 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका दिया जा रहा है. इस बीच अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Johnson) ने भारत में सिंगल डोज वाली कोरोना वैक्सीन (Single-Shot Corona Vaccine) के आपातकालीन इस्तेमाल (EUA) की मंजूरी मांगी है. जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson And Johnson) की वैक्सीन को अगर इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाती है तो यह सिंगल डोज वाली पहली वैक्सीन होगी. वहीं वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद यह भारत को चौथी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) होगी. इससे पहले भारत में कोवैक्सिन, कोविशील्ड और स्पूतनिक-वी को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है. ये तीनों वैक्सीन डबल डोज वाली हैं और लोगों को 2 डोज लेना पड़ता है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.

Rafale deal India: इंडियन एयरफोर्स की हवाई ताकत को बड़ा बूस्टर मिलने वाला है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना को दुनिया की सबसे घातक हवाई शक्ति बनाने की दिशा में इसी हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला लिया जा सकता है. भारत और फ्रांस के बीच होने वाली राफेल डील अब सिर्फ 114 विमानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आंकड़ा 200 के पार जा सकता है.

Indian Army के 5 वॉर वेपन्स, जिससे थर-थर कांपती दुनिया; आखिरी वाला पाकिस्तान का कहलाता 'जानी' दुश्मन
Indian Army war weapons: भारतीय सेना की गिनती दुनिया की सबसे घातक सैन्य ताकतों में होती है. इसके पीछे की वजह लाखों में भर्ती जवानों की संख्या ही नहीं है, बल्कि उनके हाथों में मौजूद वे मॉडर्न हथियार भी हैं. जो दुश्मन की किसी भी हिमाकत का तुरंत जवाब देने के लिए काफी हैं. ऐसे में आइए इंडियन आर्मी के 5 वॉर वेपन्स के बारे में जानते हैं.







