
Corona: बच्चों पर 2 तरह से करता है अटैक, यदि वायरस ने रूप बदला तो हो सकता है घातक
Zee News
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा, बच्चों में कोरोना (Corona) हमारे ध्यान में है. उन्होंने यह भी कहा कि वायरस अपना व्यवहार बदलता है, तो हो सकता है प्रकोप बढ़ जाए.
नई दिल्ली: चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) ने दुनिया में तबाही मचा रखी है. भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए लेकिन अब समय के साथ धीरे-धीरे कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के संकेत मिल रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना का प्रकोप कम होने की तस्दीक कर रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 28 मई से लगातार 2 लाख से कम केस आ रहे हैं, जो कि पॉजिटिव ट्रेंड है. लेकिन इसके बावजूद लापरवाही का समय नहीं है, खासकर बच्चों को लेकर चिंता बनी हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने कहा, पूरे देश में इन्फेक्शन में कमी आई है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले जहां 7 मई को 4 लाख से ज्यादा आ रहे थे वहीं आज घटते-घटते 1 लाख 27 हजार पर आ गए हैं. एक्टिव केसेज को मॉनिटर करना जरूरी है. 37 लाख से घटकर करीब 19 लाख एक्टिव केस रह गए हैं.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










