
China-Russia की गहरी हो रही दोस्ती: सबसे बड़े Nuclear Power Project की आज करेंगे शुरुआत, US की टेंशन बढ़ी
Zee News
रूस-चीन ने 2018 में परमाणु ऊर्जा सहयोग पर समझौता किया था, जिसके तहत दोनों तियानवान परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट 7-8 और शुदापु परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट 3-4 का निर्माण मिलकर करने पर सहमत हुए थे. चीन और रूस की यह नजदीकी निश्चित रूप से अमेरिका के लिए चिंता का विषय है.
बीजिंग: चीन (China) और रूस (Russia) एक-दूसरे के काफी करीब आते जा रहे हैं, और आज इस दिशा में दोनों एक नया कदम बढ़ाने वाले हैं. चीन और रूस आज (बुधवार) अपनी सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा परियोजना की आधारशिला रखेंगे. जिसके तहत रूस दो चीनी शहरों में चार परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण करेगा. निश्चित तौर पर चीन-रूस की गहरी होती यह दोस्ती अमेरिका (America) के लिए चिंता का विषय है. क्योंकि वो इन दोनों देशों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है. चीन (China) के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (Zhao Lijian) ने बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा सहयोग परियोजना (Nuclear Power Project) की आधारशिला रखने के लिए बुधवार को आयोजित समारोह को वीडियो लिंक के माध्यम से देखेंगे.
SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.



