
China की बढ़ेगी टेंशन, इस साल फिर मिलेंगे QUAD देशों के प्रमुख, अब आमने-सामने बैठकर होगी बात
Zee News
यह पहला मौका है जब क्वाड देशों के प्रमुख ने बैठक की है, इससे पहले चारों देशों के विदेश मंत्री ही मिलते रहे हैं. इसी वजह से चीन बैठक को लेकर बेहद चिंतित था. वह बैठक शुरू होने से पहले शांति की बात करने लगा था और बैठक के बाद भी उसके तेवर नरम बने हुए हैं.
वॉशिंगटन: क्वाड (QUAD) देशों की शुक्रवार को हुई टॉप लेवल बैठक से चीन (China) अंदर तक घबरा गया है. हालांकि, उसकी ये घबराहट जल्द खत्म होने वाली नहीं है, क्योंकि क्वाड देशों के प्रमुख इसी साल एक बार फिर मिलेंगे और इस बार यह बैठक ऑफलाइन होगी. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन (Jake Sullivan) ने बताया कि वर्चुअल सम्मेलन में नेताओं में सहमति बनी कि इस साल के अंत से पहले वे प्रत्यक्ष तौर पर बैठक करेंगे. क्वाड देशों के प्रमुखों ने शुक्रवार को डिजिटल माध्यम से चीन सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की. इस बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden), ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा (Yoshihide Suga) शामिल थे. सुलिवन ने बताया कि क्वाड देशों ने दक्षिण और पूर्वी चीन सागर में नौवहन की आजादी, उत्तरी कोरिया से जुड़े परमाणु मुद्दे, म्यांमार में तख्तापलट और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की.
Bulsae-4 missile North Korea weapons: उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे खतरनाक टैंक रोधी हथियारों में से एक 'बुलसे-4' (Bulsae-4) का उत्पादन कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. यूक्रेन के युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के बाद, अब यह मिसाइल और भी घातक होकर सामने आई है. इसे 'फायर एंड फॉरगेट' यानी 'दागो और भूल जाओ' हथियार कहा जाता है, जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े टैंक को लोहे के कबाड़ में बदल देता है.

SU-30MKII को F-35 ने उड़ने तक नहीं दिया! बेस पर ही किया भस्म; वेनेजुएला में अमेरिका और रशिया में जंग
SU-30MKII Vs F35 in War: अमेरिका ने पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस तबाह की, फिर F-35B स्टेल्थ जेट से SU-30MKII को जमीन पर ही नष्ट कर दिया. आसमान साफ होते ही डेल्टा फोर्स ने कराकस में घुसकर राष्ट्रपति मादुरो को दबोच लिया, बिना फुल-स्केल युद्ध छेड़े.

US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.






