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Chandra Grahan 2026: सूतक काल या ग्रहण लगने पर अंतिम संस्कार करें या नहीं? चंद्र ग्रहण लगने से पहले जान लें
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Chandra Grahan 2026 Kab Hai: ग्रहण लगने से कुछ घंटों पहले से ही सूतक काल सक्रिय हो जाता है. ऐसे में कुछ कार्यों को सूतक काल में करना वर्जित माना गया है. आइए जानें चंद्र ग्रहण में और सूतक काल में अंतिम संस्कार करें या नहीं.
Chandra Grahan 2026 Ke Niyam: ग्रहण और सूतक काल को ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ समय और घटना के रूप में देखा जाता है. ऐसे समय में वातावरण और ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है. ऐसे में इस अवधि में किसी शुभ कार्य और संस्कार को करना वर्जित माना गया है. ग्रहण यानी सूर्य या चंद्र ग्रहण या उससे पहले लगने वाले सूतक काल के कारण किसी भी तरह के शुभ काम या पूजा पाठ नहीं करना चाहिए, नहीं तो शुभ कार्य और पूजा का नकारात्मक प्रभाव जी वन पर पड़ सकता है. लेकिन एक सवाल ये है कि क्या चंद्र ग्रहण के दौरान अंतिम संस्कार करना चाहिए या नहीं. आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
आत्मा की यात्रा में बाधा ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान या सूतक लगने पर अंतिम संस्कार या दाह संस्कार करते हैं तो इसका बुरा प्रभाव परिवार पर पड़ सकता है. मृत व्यक्ति की आत्मा की यात्रा में किसी तरह की बाधा न पड़े इसके लिए जरूरी है कि अंतिम संस्कार जैसे वैदिक अनुष्ठान को ग्रहण या सूतक काल में करना सही नहीं माना जाता है. सूतक काल में स्वयं शुद्धि की जाती है और ऐसे समय में पूजा-पाठ स्थगित रहता है. इस अवधि में संवेदनशीलता बढ़ी हुई होती है. ऐसे में अंतिम संस्कार को तब तक रोकना सही होता है जब तक की ग्रहण खत्म न हो जाए. ध्यान दें कि ग्रहण के कुछ घंटों पहले सूतक काल शुरू होता है और ग्रहण के साथ ही खत्म होता है.
ग्रहण काल में मृत्यु हो जाए तो क्या करें यदि घर में अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु ग्रहण लगने के दौरान ही हो जाए तो ऐसी स्थिति में पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखें और पूरी तरह से जब ग्रहण खत्म हो जाए तो अंतिम संस्कार शुरू करें. ग्रहण की अवधि अमूमन कम ही होता है ऐसे में कुछ देर इंतजार करना ही शुभ होगा. इसी तरह सूतक काल में भी अंतिम संस्कार करने से बचें.
(Disclaimer- प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए धन्यवाद. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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