
CBSE 10, 12 Board Exam 2021: जल्द हो सकती है CBSE बोर्ड एग्जाम के नतीजों की घोषणा, जानें कैसे देख सकते हैं रिजल्ट
Zee News
CBSE 10, 12 Board Exam 2021: सीबीएसई ने साल 2021 के 10वीं और 12वीं के नतीजों को जारी करने पर अभी तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 जुलाई को सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं के एग्जाम रिजल्ट की घोषणा के लिए तैयारी कर रहा है.
नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) जल्द ही 10वीं और 12वीं के एग्जाम रिजल्ट की घोषणा कर सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि 31 जुलाई तक रिजल्ट की घोषणा कर दी जाएगी. इससे पहले सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि बोर्ड 10वीं और 12वीं के एग्जाम रिजल्ट की घोषणा 31 जुलाई तक कर देगा. हालांकि सीबीएसई ने साल 2021 के 10वीं और 12वीं के नतीजों को जारी करने पर अभी तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 जुलाई को सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं के एग्जाम रिजल्ट की घोषणा के लिए तैयारी कर रहा है. ये रिजल्ट सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर डायरेक्ट लिंक के जरिए जारी किए जाएंगे.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










