
Cabinet Expansion: मोदी कैबिनेट में बिहार से शामिल हो सकते हैं ये चेहरे, जानिए यूपी और बंगाल से कौन हैं दावेदार
Zee News
Cabinet Expansion: मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा लगातार तेज है. बताया जा रहा है कि जुलाई में संसद के शुरू होने से पहले ही इस विषय पर फैसला लिया जा सकता है.
नई दिल्ली: कैबिनेट विस्तार में जिन राज्यों को ज्यादा सीटें देने की बात चल रही है, उनमें बिहार भी शामिल है. बिहार में मामला इसलिए भी गर्म है कि यहां से जेडीयू को सरकार में शामिल किए जाने पर विचार चल रहा है. इसके अलावा रामविलास पासवन के निधन के बाद खाली हुई सीट को लेकर चिराग पासवान और पशुपति पारस के रस्साकशी ने इसे और भी इंटरेस्टिंग बना दिया है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि बिहार से किन-किन नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है? चिराग या पशुपतिनाथ में से कौन? बीते दिनों बिहार की राजनीति में हलचल देखने को मिली. रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके भाई पशुपति पारस ने बगावत कर दी. ना सिर्फ चिराग पासवान को अध्यक्ष पद से हटाया, बल्कि लोकसभा में पार्टी के नेता के पक्ष से भी हटा दिया. उधर चिराग इस बात का दावा कर रहे हैं कि वह ही असली लोक जनशक्ति पार्टी के लीडर हैं. अब ये सवाल है कि NDA में शामिल LJP से किसे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









